Tuesday, October 8, 2019

अनुच्छेद 370 पर क्या फ़ारूक अब्दुल्ला नरम पड़े?- प्रेस रिव्यू

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक ख़बर के अनुसार, बीते रविवार को जब नेशनल कांफ़्रेंस का प्रतिनिधिमंडल पार्टी प्रमुख फ़ारूक अब्दुल्ला से मिला तो अनुच्छेद 370 और 35 ए पर चुप्पी साधे रखी.
पार्टी के क़रीबियों का कहना है कि ऐसा लगता है कि ये बहुत सोच समझकर नीति अपनाई गई है.
अख़बार ने नेशनल कांफ़्रेंस के सूत्रों के हवाले से कहा है कि पार्टी जम्मू और कश्मीर के राज्य को फिर से बहाल किए जाने की मांग पर ध्यान केंद्रित करेगी और ये केंद्र सरकार के विशेष राज्य के दर्ज़े छीनने वाले क़दम के प्रति नरम रवैये का संकेत है.
जब प्रतिनिधि मंडल फ़ारूक से मिला तो उसने सिर्फ दो मांगें रखीं, नज़रबंद सभी नेताओं को रिहा करना और कश्मीर में ज़ारी पाबंदियों को ख़त्म करना.
इस बीच पीडीपी मुखिया महबूबा मुफ़्ती से उनके पार्टी के प्रतिनिधियों की सो
द स्टेट्स मैन की ख़बर के अनुसार, मुंबई मेट्रो के शेड बनाने के लिए आरे के जंगल में काटे जा रहे पेड़ों पर सुप्रीम कोर्ट ने 21 अक्टूबर तक रोक लगा दी है. हालांकि मुंबई मेट्रो रेल कार्पोरेशन ने शनिवार और रविवार को ही 98 प्रतिशत पेड़ काट डाले थे.
इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार, स्विट्ज़रलैंड ने ब्लैक मनी से संबंधित सूचनाओं की पहली सूची भारत को सौंप दी है. लेकिन इन सूचनाओं को कड़े गोपनीय समझौते के तहत साझा किया गया है.
भारत उन 75 देशों में शामिल है जिनका स्विट्ज़लैंड के टैक्स डिपार्टमेंट के साथ समझौता हुआ है.
इंडियन एक्सप्रेस की एक ख़बर के अनुसार, तालिबान अपने 11 नेताओं को छोड़ने के बदले बंधक बनाए गए तीन भारतीय इंजीनियरों को रिहा करने जा रह है.
तालिबान ने पिछले साल मई में इन तीनों भारतीय इंजीनियरों का अफ़ग़ानिस्तान में अपहरण किया था.
इस्लामाबाद में अमरीकी प्रतिनिधियों
नवभारत टाइम्स की एक ख़बर के अनुसार, दिल्ली एनसीआर में हवा की गुणवत्ता को नियंत्रित करने के लिए 15 अक्टूबर से डीज़ल के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई जाएगी. इस दौरान हाउसिंग सोसाइटी में लिफ़्ट को लेकर इसकी छूट दी गई है.
नवभारत टाइम्स की ही एक अन्य ख़बर के अनुसार, केंद्र ने एसपीजी की सुरक्षा से लैस वीवीआईपी के लिए नई गाइडलाइंस जारी की है. इसके तहत अब विदेश दौरे में भी एसपीजी रखनी होगी. कांग्रेस ने इसे निगरानी करने की कोशिश बताकर आलोचना की है.
हिंदुस्तान टाइम्स की एक ख़बर के अनुसार, जम्मू कश्मीर में दो महीने से पर्यटकों के आने पर लगी पाबंदी को जल्द हटाया जाएगा. जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने आदेश दिया है कि ये पाबंदी तुरंत प्रभाव से हटा ली जाए. बीते दो अगस्त को राज्य के गृह मंत्रालय ने एक सलाह जारी कर पर्यटकों को राज्य से तुरंत बाहर जाने के लिए कहा था.
और तालिबान के बीच हुए एक समझौते के बाद उन्हें रिहा किया जा रहा है. तालिबान के शीर्ष 11 नेता अफ़ग़ानिस्तान के अलग अलग जेलों में बंद हैं.
हिंदुस्तान की एक ख़बर के अनुसार, पाकिस्तान चरमपंथियों पर अंकुश लगाने में असफल रहा है. चरमपंथी वित्तपोषण और धनशोधन मामलों की निगरानी करने वाली संस्था फाइनेंशियल एक्शन टाक्स फ़ोर्स (एफ़टीए) ने अपनी मूल्यांकन रिपोर्ट में ये बात कही है.
मवार को मुलाक़ात नहीं हो पाई.

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